Raigad District Fort List

रायगढ़ जिले में किले (Raigad District Fort List)

Raigad District Fort List : महाराष्ट्र का रायगढ़ जिला इतिहास, साहसिक पर्यटन और मराठा गौरव का एक अद्भुत संगम है। यह जिला विशेष रूप से अपने प्राचीन किलों के लिए प्रसिद्ध है, जिनका संबंध छत्रपति शिवाजी महाराज, मराठा साम्राज्य और समुद्री सुरक्षा से गहराई से जुड़ा हुआ है। रायगढ़ जिले के किले केवल पत्थरों की संरचना नहीं हैं, बल्कि वे वीरता, रणनीति, शासन और स्वाभिमान के जीवंत प्रतीक हैं।

रायगढ़ जिला सह्याद्री पर्वतमाला, समुद्री तटों और घने जंगलों से घिरा हुआ है, इसलिए यहाँ पहाड़ी किले (Hill Forts) और समुद्री किले (Sea Forts) दोनों देखने को मिलते हैं। विशेष रूप से रायगढ़ किला, मुरुड-जंजीरा, कुलाबा किला, सुधागढ़ और कर्नाला किला पर्यटकों तथा इतिहास प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। महाराष्ट्र शासन भी इन्हें प्रमुख पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित कर रहा है।

इस लेख में हम रायगढ़ जिले के प्रमुख किलों की सूची, उनका इतिहास, विशेषताएँ और पर्यटन महत्व विस्तार से जानेंगे।

रायगढ़ जिला किला सूची (Raigad District Fort List)

रायगढ़ जिला (किलों की संख्या -३४) (Raigad District Fort List)

१. अवचितगढ़  ( Avchitgad)

२. उंदेरी किला ( Underi)

३. कर्नाळा किला ( Karnala)

४. कुलाबा किला ( Kulaba)

५. कोथळीगढ़  (पेठचा किला) / ( Kothali Gad/ Pethcha Killa)

६. कोरलई किला ( Korlai )

 ७. कौला किला (Koula Killa)

८. खांदेरी किला ( Khanderi)

९. घोसाळगढ़  ( Ghosalgad)

 १०. चंदेरी किला ( Chanderi )

११. तळेगढ़  ( Talegad )

१२. तुंगी किला (Tungi)

१३. ढाक (Dhak / Dhak behari)

१४. पदरगढ़  (Padargad)

१५. पेब ( Peb)

१६. प्रबळगढ़  ( Prabalgad)

१७. बिरवाडी ( Birvadi)

१८. भिवगढ़  ( Bhivgad)

१९. मंगळगढ़  (कांगोरी) ( Magalgad / Kangori)

२०. मलंगगढ़  (Malanggad) 

२१. माणिकगढ़  ( manikgad)

२२. मानगढ़  ( Mangad)

 २३. रतनगढ़  ( Ratangad)

२४. रायगढ़  (Raigad)

२५. लिंगाणा ( Lingana)

२६. विशाळगढ़  ( Vishalgad)

२७. विश्रामगढ़  ( Vishramgad)

२८. सांकशी ( Sankashee)

२९. सागरगढ़  ( Sagargad)

३०. सुरगढ़  ( Surgad)

३१. सोनगिरी ( Songiri)

३२. सोनडाई (Sondai)

३३. सुधागढ़  ( Sudhagad)

३४. सरसगढ़  ( Sarasgad)


1. रायगढ़ किला

रायगढ़ किला रायगढ़ जिले का सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक किला है। यह महाड से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित एक विशाल पहाड़ी किला है। छत्रपति शिवाजी महाराज ने इस किले का पुनर्निर्माण करवाया और वर्ष 1674 में इसे मराठा साम्राज्य की राजधानी घोषित किया। यही वह स्थान है जहाँ शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था।

इस किले की सबसे खास बात इसका “महादरवाजा” है, जो मुख्य प्रवेश द्वार है। यहाँ गंगासागर नामक कृत्रिम झील, नागरखाना दरवाजा, जगदीश्वर मंदिर, शिवाजी महाराज की समाधि और प्रसिद्ध हिरकणी बुरुज स्थित हैं। किले तक पहुँचने के लिए रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे पर्यटकों को चढ़ाई में आसानी होती है।

रायगढ़ किला केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि मराठा स्वाभिमान का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।


2. मुरुड-जंजीरा किला

मुरुड-जंजीरा किला भारत के सबसे मजबूत समुद्री किलों में से एक माना जाता है। यह अरब सागर के तट पर मुरुड के पास स्थित है। यह किला पानी के बीच एक द्वीप पर बना हुआ है और यहाँ पहुँचने के लिए राजापुरी जेट्टी से नाव द्वारा जाना पड़ता है।

इस किले की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे कई शक्तिशाली शासकों ने जीतने की कोशिश की, लेकिन यह लंबे समय तक अजेय बना रहा। किले के भीतर प्राकृतिक मीठे पानी की झीलें, मस्जिद, सैनिकों के निवास स्थान और विशाल तोपें मौजूद हैं।

यहाँ की तीन प्रसिद्ध तोपें—कलालबांगड़ी, चावरी और लांडा कसम—विशेष आकर्षण हैं। समुद्र की लहरों के बीच खड़ा यह किला आज भी अपने वैभव की कहानी सुनाता है।


3. कुलाबा किला (कोलाबा फोर्ट)

कुलाबा किला अलीबाग के समुद्र तट के पास स्थित एक महत्वपूर्ण समुद्री किला है। यह मराठा साम्राज्य की नौसेना का प्रमुख केंद्र था। इस किले का संबंध प्रसिद्ध मराठा नौसेना प्रमुख कान्होजी आंग्रे से जुड़ा हुआ है। वर्ष 1713 में यह किला उनके नियंत्रण में आया और उन्होंने इसे अपना मुख्य नौसैनिक आधार बनाया।

किले की सबसे अनोखी बात यह है कि समुद्र के बीच स्थित होने के बावजूद इसके भीतर मीठे पानी के कुएँ मौजूद हैं। यहाँ दो मुख्य प्रवेश द्वार हैं—एक समुद्र की ओर और दूसरा अलीबाग की दिशा में।

ज्वार-भाटा के समय इस किले का दृश्य अत्यंत सुंदर दिखाई देता है और यह फोटोग्राफी के लिए भी लोकप्रिय स्थान है।


4. सुधागढ़ किला

सुधागढ़ किला, जिसे भोरपगढ़ भी कहा जाता है, रायगढ़ जिले का एक प्रसिद्ध पहाड़ी किला है। छत्रपति शिवाजी महाराज ने इसका नाम बदलकर सुधागढ़ रखा था। यह किला प्राकृतिक सौंदर्य, ट्रेकिंग और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।

यह किला तीन मुख्य भागों में विभाजित है। पहले भाग में पुराने महल के अवशेष, तालाब और जलाशय हैं। दूसरे भाग में भोरा देवी मंदिर और टकमक टोक क्षेत्र आता है। तीसरे भाग में विशाल बुरुज और घना जंगल है।

सुधागढ़ ट्रेकर्स के बीच बहुत लोकप्रिय है क्योंकि यहाँ का रास्ता रोमांचक और प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर है।


5. कर्नाला किला

कर्नाला किला रायगढ़ जिले के पनवेल तालुका में स्थित है और कर्नाला पक्षी अभयारण्य के भीतर आता है। यह किला प्रकृति प्रेमियों, पक्षी प्रेमियों और ट्रेकिंग पसंद करने वालों के लिए आदर्श स्थान है।

यहाँ तक पहुँचने का रास्ता चट्टानी और कठिन है, जो इसे साहसिक यात्रियों के लिए आकर्षक बनाता है। किले के आसपास लगभग 150 प्रकार के पक्षी पाए जाते हैं। इस कारण यह स्थान पर्यटन के साथ-साथ वन्यजीव अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण है।

कर्नाला किला इतिहास और प्रकृति का सुंदर मिश्रण प्रस्तुत करता है।


6. प्रबलगढ़ किला

प्रबलगढ़ किला रायगढ़ जिले का एक महत्वपूर्ण ट्रेकिंग स्थल है। यह माथेरान और पनवेल के पास स्थित है। इसका पुराना नाम मुरंजन था। यह किला अपने कठिन चढ़ाई मार्ग और शानदार दृश्य के लिए प्रसिद्ध है।

इसके पास ही प्रसिद्ध कलावंतीन दुर्ग स्थित है, जो साहसिक ट्रेकिंग के लिए जाना जाता है। प्रबलगढ़ किला विशेष रूप से युवाओं और एडवेंचर प्रेमियों के बीच लोकप्रिय है।


7. कलावंतीन दुर्ग

कलावंतीन दुर्ग रायगढ़ जिले का एक अत्यंत रोमांचक और चुनौतीपूर्ण किला है। यह प्रबलगढ़ के पास स्थित है और अपनी सीधी खड़ी चट्टानों तथा संकरी सीढ़ियों के लिए प्रसिद्ध है। इसे कलावंतीन पिनेकल भी कहा जाता है।

यह किला ट्रेकर्स के लिए एक सपना माना जाता है। यहाँ से आसपास की पहाड़ियों और घाटियों का दृश्य अत्यंत अद्भुत दिखाई देता है।


8. लिंगाणा किला

लिंगाणा किला रायगढ़ और तोरणा के बीच स्थित एक कठिन दुर्ग है। यह पर्वतारोहियों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसका आकार ऊँची शिला जैसा है और यहाँ पहुँचना आसान नहीं है।

ऐतिहासिक रूप से इसका उपयोग कैदियों को रखने के लिए भी किया जाता था। यह किला आज भी कठिन ट्रेकिंग के लिए प्रसिद्ध है।


रायगढ़ जिले के किलों का पर्यटन महत्व

रायगढ़ जिले के किले महाराष्ट्र पर्यटन की पहचान हैं। यहाँ हर वर्ष हजारों पर्यटक, इतिहासकार, विद्यार्थी और ट्रेकर्स आते हैं। रायगढ़ किला और मुरुड-जंजीरा सबसे अधिक लोकप्रिय हैं।

इन किलों के माध्यम से हमें मराठा साम्राज्य की प्रशासनिक क्षमता, सैन्य रणनीति और समुद्री शक्ति का ज्ञान मिलता है। साथ ही ये स्थान स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करते हैं क्योंकि पर्यटन से रोजगार बढ़ता है।

सरकार द्वारा रोपवे, सड़क, गाइड सुविधा, डिजिटल टूर और संरक्षण कार्यों के माध्यम से इन किलों को और बेहतर बनाया जा रहा है।


निष्कर्ष

रायगढ़ जिला वास्तव में किलों की धरती है। यहाँ का प्रत्येक किला एक अलग कहानी, अलग संघर्ष और अलग गौरव को दर्शाता है। रायगढ़ किला जहाँ मराठा साम्राज्य की राजधानी का प्रतीक है, वहीं मुरुड-जंजीरा समुद्री सुरक्षा की मिसाल है। कुलाबा, सुधागढ़, कर्नाला, प्रबलगढ़ और कलावंतीन जैसे किले इस जिले की ऐतिहासिक समृद्धि को और भी महान बनाते हैं।

यदि आप इतिहास, ट्रेकिंग, प्रकृति और भारतीय विरासत को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो रायगढ़ जिले के किलों की यात्रा अवश्य करनी चाहिए। यह यात्रा केवल पर्यटन नहीं, बल्कि भारत के गौरवशाली अतीत से जुड़ने का अवसर है।

रायगढ़ के किले हमें याद दिलाते हैं कि पत्थरों से बने ये दुर्ग केवल संरचनाएँ नहीं, बल्कि साहस, बलिदान और स्वाभिमान की अमर गाथाएँ हैं।